देवप्रयाग/देहरादून, 31 अगस्त 2025
बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं मिलेगी गर्भ संबंधी दवाएं
राज्य पर्यवेक्षण बोर्ड की बैठक में अधिकारियों को दिए ठोस निर्देश
राज्य में पीसीपीएनडीटी एक्ट (गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक) के अंतर्गत हो रहे कार्यों की अब जनपद स्तर पर नियमित समीक्षा की जाएगी। इन बैठकों में राज्य पर्यवेक्षण बोर्ड के सदस्य भी शामिल रहेंगे। इस संबंध में सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में सचिवालय स्थित मुख्य सचिव सभागार में शनिवार को आयोजित राज्य पर्यवेक्षण बोर्ड की बैठक में यह निर्णय लिया गया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि अब राज्य में बिना चिकित्सकीय परामर्श के गर्भ संबंधी दवाओं की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। विशेष रूप से मिसोप्रोस्टोल दवा की अनधिकृत बिक्री पर मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में यह भी तय हुआ कि नवजात शिशु का जन्म पंजीकरण 21 दिन के भीतर सुनिश्चित कराया जाए। इसके लिए ग्राम प्रधानों, आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही जन्म पंजीकरण और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को लेकर प्रदेशभर में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
डॉ. रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भ्रूण लिंग परीक्षण और भ्रूण हत्या पर रोकथाम के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही जनपद स्तर पर समीक्षा बैठकों में बोर्ड के सदस्यों को आमंत्रित किया जाए ताकि जमीनी स्तर पर कार्यों की बेहतर निगरानी हो सके और जनता को लाभ मिल सके।
बैठक में राज्य पर्यवेक्षण बोर्ड की सदस्य एवं विधायक कैंट सविता कपूर, सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार, अपर सचिव न्याय एम.के. पांडे, उप सचिव अनूप मिश्र, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा, निदेशक डॉ. शिखा जंगपांगी, राज्य नोडल अधिकारी डॉ. एन.एस. बिष्ट, डॉ. अमलेश कुमार सहित अन्य सदस्य और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
स्वास्थ्य मंत्री ने किया कैथ लैब का लोकार्पण
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज स्वामी विवेकानंद हैल्थ मिशन सोसाइटी द्वारा संचालित स्वामी विवेकानंद धर्मार्थ चिकित्सालय, धर्मावाला में अत्याधुनिक कैथ लैब का उद्घाटन किया।
डॉ. रावत ने कहा कि इस सुविधा के शुरू होने से हृदय रोगियों को स्थानीय स्तर पर एंजियोप्लास्टी और एंजियोग्राफी जैसी सेवाएं सुलभ होंगी। साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं न्यूनतम शुल्क पर मिलेंगी। उन्होंने कहा कि मिशन, स्वामी विवेकानंद के सेवा और करुणा के आदर्शों को साकार कर रहा है।
इस अवसर पर प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेंद्र जी, विधायक सहसपुर सहदेव पुंडीर, दिव्य प्रेम मिशन के संस्थापक आशीष भैया, रोटरी क्लब सदस्य और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
