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	<title>धर्म Archives - Devprayag Times</title>
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	<title>धर्म Archives - Devprayag Times</title>
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	<item>
		<title>दीक्षारंभ में बताया गया गुरु और त्याग का महत्त्व</title>
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		<dc:creator><![CDATA[देवप्रयाग टाइम्स]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 02 Aug 2025 13:13:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखण्ड]]></category>
		<category><![CDATA[टिहरी]]></category>
		<category><![CDATA[देवप्रयाग]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में नवप्रवेशी छात्रों के लिए दस दिवसीय दीक्षारंभ कार्यक्रम प्रारंभ देवप्रयाग/ टिहरीकेंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, श्री रघुनाथ&#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p><strong>केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में नवप्रवेशी छात्रों के लिए दस दिवसीय दीक्षारंभ कार्यक्रम प्रारंभ</strong></p>
<p><strong>देवप्रयाग/ टिहरी</strong>केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर, देवप्रयाग में नवप्रवेशी छात्रों हेतु दस दिवसीय <em>दीक्षारंभ</em> कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की अध्ययन संस्कृति, अनुशासन और भारतीय जीवन मूल्यों से परिचित कराया जा रहा है।</p>
<p>कार्यक्रम का उद्घाटन कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी ने किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि <strong>विद्या का पहला लक्ष्य विनम्रता है</strong>। उन्होंने कहा कि “पुस्तक से अधिक महत्त्वपूर्ण गुरु का मार्गदर्शन होता है। विद्या केवल आजीविका के लिए नहीं, बल्कि आत्मविकास और जीवन की पूर्णता के लिए होती है।”<br />
प्रो. वरखेड़ी ने विद्यार्थियों को संयमित जीवन अपनाने, दिनचर्या निर्धारित करने और अनुशासित रहते हुए गुरु से मार्गदर्शन प्राप्त करने की सलाह दी। उन्होंने कहा, “गुरु के बिना ज्ञान अधूरा है। भारत की परंपरा में गुरु को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। बिना त्याग और तप के विद्या प्राप्त नहीं होती।”</p>
<p>शैक्षणिक अधिष्ठाता प्रो. मदमोहन झा ने कहा कि इस दस दिवसीय कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की संरचना, कार्यपद्धति और संस्कृत व्यवहार भाषा में दक्षता पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। सभी विषयों के आचार्य अपने-अपने विषयों का परिचय देंगे।</p>
<p>बहुविषयक अधिष्ठाता एवं लखनऊ परिसर के निदेशक प्रो. सर्वनारायण झा ने छात्रों को लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश देते हुए कहा कि आत्मनिष्ठा और निरंतर अभ्यास ही सफलता की कुंजी है।</p>
<hr />
<p>&nbsp;</p>
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		<title>कांवड़ यात्रा के सुचारू संचालन के लिए ड्रोन और कैमरो से हो रही निगरानी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[देवप्रयाग टाइम्स]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 22 Jul 2025 15:01:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखण्ड]]></category>
		<category><![CDATA[टिहरी]]></category>
		<category><![CDATA[देवप्रयाग]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[प्रशासनिक]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; &#160; देवप्रयाग, टेहरी गढ़वाल। सावन मास की कांवड़ यात्रा का दूसरा सप्ताह शुरू हो गया है और कांवड़ियों की&#8230;</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>देवप्रयाग, टेहरी गढ़वाल।</p>
<p>सावन मास की कांवड़ यात्रा का दूसरा सप्ताह शुरू हो गया है और कांवड़ियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। जनपद टिहरी गढ़वाल प्रशासन और पुलिस विभाग ने यात्रा मार्गों पर सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कमर कस ली है। 11 जुलाई से शुरू हुई इस यात्रा को लेकर अब डाक कांवड़ियों की आमद भी बढ़ने लगी है, जिसके चलते 21 जुलाई से ट्रैफिक प्रबंधन की मैपिंग पूरी कर ली गई है। जिला प्रशासन की ओर से बताया गया कि कांवड़ यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने हेतु सभी आवश्यक उपाय किए गए हैं। गंगोत्री और नीलकंठ की ओर जाने वाले भक्तों की आवाजाही पर विशेष नजर रखी जा रही है। यात्रा मार्गों पर पुलिस प्रशासन द्वारा जगह-जगह कैनोपी लगाकर भीड़ नियंत्रण और व्यवस्था बनाए रखने का कार्य किया जा रहा है। यात्रा की निगरानी के लिए वायरलेस कंट्रोल रूम में लगे 56 सीसीटीवी कैमरे और 02 ड्रोन लगातार यात्रा मार्गों और गंगा घाटों पर नजर रख रहे हैं। पुलिस दूरसंचार उपनिरीक्षक खुशहाल सिंह पांगती ने जानकारी दी कि पुलिस विभाग के 56 कैमरों के अलावा नगरपालिका के 50 कैमरे भी सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले सप्ताह की तुलना में दूसरे सप्ताह में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना है। चंद्रभागा पुल से लेकर भद्रकाली तिराहा, पीडब्ल्यूडी तिराहा, राम झूला और जानकी सेतु जैसे प्रमुख स्थलों पर पुलिस कैनोपी, सीसीटीवी कैमरे और साउंड अलर्ट सिस्टम लगाए गए हैं। इससे न केवल ट्रैफिक संचालन में मदद मिल रही है बल्कि पैदल कांवड़ियों को भी घाटों तक पहुंचने में सुविधा हो रही है। एसएसपी आयुष अग्रवाल खुद यात्रा मार्गों पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्वक और भक्ति से संचालित हो सके।</p>
<p>&nbsp;</p>
<div style="width: 640px;" class="wp-video"><video class="wp-video-shortcode" id="video-883-1" width="640" height="360" preload="metadata" controls="controls"><source type="video/mp4" src="https://devprayagtimes.com/wp-content/uploads/2025/07/VID-20250722-WA0028.mp4?_=1" /><a href="https://devprayagtimes.com/wp-content/uploads/2025/07/VID-20250722-WA0028.mp4">https://devprayagtimes.com/wp-content/uploads/2025/07/VID-20250722-WA0028.mp4</a></video></div>
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			</item>
		<item>
		<title>टिहरी: कांवड़ियों की भीड़ बढ़ी, सफल और सुरक्षित यात्रा के लिए प्रशासन अलर्ट</title>
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		<dc:creator><![CDATA[देवप्रयाग टाइम्स]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 19 Jul 2025 18:19:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[टिहरी]]></category>
		<category><![CDATA[देवप्रयाग]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[सामाजिक]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; देवप्रयाग/ टिहरी गढ़वाल,  सावन मास के पहले सोमवार के बाद से टिहरी जनपद के कांवड़ मार्गों पर शिवभक्तों की&#8230;</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<hr />
<h3></h3>
<p><strong>देवप्रयाग/ टिहरी गढ़वाल, </strong><br />
सावन मास के पहले सोमवार के बाद से टिहरी जनपद के कांवड़ मार्गों पर शिवभक्तों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। इस बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ यात्रा को <strong>सुरक्षित, व्यवस्थित और सफल</strong> बनाने में जुटा हुआ है।</p>
<p>हरिद्वार से गंगाजल लेकर ऋषिकेश होते हुए नीलकंठ महादेव तक जाने वाले पैदल, दोपहिया और डाक कांवड़ियों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए <strong>प्रशासन ने कई स्तरों पर प्रबंध किए हैं</strong>।<strong>यातायात और पार्किंग व्यवस्था के लिये </strong><strong>डाक कांवड़ियों के बड़े वाहन</strong>: चंद्रभागा पुल के पास पार्किंग में रोके जा रहे हैं। <strong>दो पहिया वाहन</strong>: मुनिकीरेती, ढालवाला और भद्रकाली से होते हुए राम झूला की पार्किंग तक सीमित किए गए हैं। <strong>अतिरिक्त पार्किंग</strong>: खारास्रोत (ब्रह्मानंद तिराहे के पास) में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बनाई गई है। <strong>पुलिस और निगरानी व्यवस्था </strong><strong>56 सी सी टीवी  कैमरों</strong> से यात्रा मार्ग पर नजर, वायरलेस कंट्रोल रूम (ढालवाला) से मॉनिटरिंग।<strong>कै नोपी और सहायता केंद्रों</strong> के माध्यम से कांवड़ियों को मार्गदर्शन और सुरक्षा सहायता प्रदान की जा रही है।<strong>गंगा घाटों पर जल पुलिस की तैनाती</strong>, जल भरते समय कांवड़ियों को नदी से उचित दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।<strong>कांवड़ियों की सराहना: </strong>ग्रेटर नोएडा से आए पांच कांवड़ियों की टोली ने बताया कि प्रशासन की व्यवस्थाएं इस बार अत्यंत सुव्यवस्थित और सुविधाजनक हैं। उन्हें यात्रा मार्ग की सही जानकारी, स्वास्थ्य सुविधाएं, भोजन और शौचालय जैसे आवश्यक संसाधन सहज रूप से मिले।उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया कि <strong>यातायात नियमों का पालन करें और प्रशासन का सहयोग कर कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण व सफल बनाने सहयोग दे</strong></p>
<div style="width: 640px;" class="wp-video"><video class="wp-video-shortcode" id="video-860-2" width="640" height="360" preload="metadata" controls="controls"><source type="video/mp4" src="https://devprayagtimes.com/wp-content/uploads/2025/07/VID-20250718-WA0014.mp4?_=2" /><a href="https://devprayagtimes.com/wp-content/uploads/2025/07/VID-20250718-WA0014.mp4">https://devprayagtimes.com/wp-content/uploads/2025/07/VID-20250718-WA0014.mp4</a></video></div>
<hr />
<p>&nbsp;</p>
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			</item>
		<item>
		<title>व्यवस्थित व्यवस्थाओं से खुश हुए कांवड़ यात्री, डाक कांवड़ियों से शांति बनाए रखने की अपील</title>
		<link>https://devprayagtimes.com/archives/698</link>
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		<dc:creator><![CDATA[देवप्रयाग टाइम्स]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 11 Jul 2025 12:21:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखण्ड]]></category>
		<category><![CDATA[टिहरी]]></category>
		<category><![CDATA[देवप्रयाग]]></category>
		<category><![CDATA[देहरादून]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; देवप्रयाग/टिहरी (गिरीश भट्ट) गंगोत्री और नीलकंठ धाम की ओर बढ़ रही कांवड़ यात्रा अब अपने दूसरे चरण में पहुंच&#8230;</p>
<p>The post <a href="https://devprayagtimes.com/archives/698">व्यवस्थित व्यवस्थाओं से खुश हुए कांवड़ यात्री, डाक कांवड़ियों से शांति बनाए रखने की अपील</a> appeared first on <a href="https://devprayagtimes.com">Devprayag Times</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p><strong>देवप्रयाग/टिहरी (गिरीश भट्ट)</strong><br />
गंगोत्री और नीलकंठ धाम की ओर बढ़ रही कांवड़ यात्रा अब अपने दूसरे चरण में पहुंच चुकी है। यात्रा मार्ग में टिहरी गढ़वाल जिले से होकर गुजर रहे पैदल कांवड़ियों और डाक कांवड़ियों को इस बार प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाएं खूब रास आ रही हैं।</p>
<p>जगह-जगह किए गए रूट डायवर्सन, साइनेज, पार्किंग व्यवस्था, मोबाइल टॉयलेट, कूड़ेदान, स्ट्रीट लाइट्स और सुरक्षा व्यवस्था के चलते यात्री यात्रा का भरपूर आनंद ले रहे हैं। जाम की कोई शिकायत सामने नहीं आई है। प्रशासन की ओर से लक्ष्मण झूला, राम झूला, चंद्रभागा तिराहा और भद्रकाली तिराहा जैसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया गया है।</p>
<p>यात्रा में शामिल पैदल कांवड़ियों ने डाक कांवड़ियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान संयम और शांति बनाए रखें, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।</p>
<p>फरीदाबाद से आए कांवड़ यात्री जितेंद्र नागर ने बताया कि गंगोत्री से गोमुख तक यात्रा के दौरान उन्हें हर स्थान पर सुविधाएं व्यवस्थित रूप से उपलब्ध हुईं। उन्होंने बताया कि इस बार गंगोत्री में श्रद्धालुओं की संख्या भी पहले की अपेक्षा अधिक है।</p>
<p>वहीं अलवर से आई कांवड़ टोली के सदस्य शिवराम ने टिहरी जिले के यात्रा मार्ग की व्यवस्थाओं को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने हर मोड़ पर सहयोग और मार्गदर्शन दिया, जिससे यात्रा सरल और सुरक्षित बनी रही।यात्रा मार्ग पर ट्रैफिक को सुगम बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा नो पार्किंग जोन में खड़ी गाड़ियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इससे जाम की स्थिति उत्पन्न नहीं हो रही और सभी यात्रियों को बिना बाधा यात्रा करने का अवसर मिल रहा है।</p>
<p>जिला प्रशासन की मुस्तैदी और समर्पण से इस बार की कांवड़ यात्रा न सिर्फ व्यवस्थित चल रही है, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए एक सुखद अनुभव भी बन रही है।</p>
<p>The post <a href="https://devprayagtimes.com/archives/698">व्यवस्थित व्यवस्थाओं से खुश हुए कांवड़ यात्री, डाक कांवड़ियों से शांति बनाए रखने की अपील</a> appeared first on <a href="https://devprayagtimes.com">Devprayag Times</a>.</p>
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			</item>
		<item>
		<title> व्यवस्थित व्यवस्थाओं से खुश हुए कांवड़ यात्री, डाक कांवड़ियों से शांति बनाए रखने की अपील</title>
		<link>https://devprayagtimes.com/archives/684</link>
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		<dc:creator><![CDATA[देवप्रयाग टाइम्स]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 11 Jul 2025 11:56:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखण्ड]]></category>
		<category><![CDATA[टिहरी]]></category>
		<category><![CDATA[देवप्रयाग]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>देवप्रयाग/टिहरी गिरीश भट्ट( देवप्रयाग टाइम्स ) गंगोत्री और नीलकंठ धाम की ओर बढ़ रही कांवड़ यात्रा अब अपने दूसरे चरण&#8230;</p>
<p>The post <a href="https://devprayagtimes.com/archives/684"> व्यवस्थित व्यवस्थाओं से खुश हुए कांवड़ यात्री, डाक कांवड़ियों से शांति बनाए रखने की अपील</a> appeared first on <a href="https://devprayagtimes.com">Devprayag Times</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>देवप्रयाग/टिहरी गिरीश भट्ट( देवप्रयाग टाइम्स )</strong><br />
गंगोत्री और नीलकंठ धाम की ओर बढ़ रही कांवड़ यात्रा अब अपने दूसरे चरण में पहुंच चुकी है। यात्रा मार्ग में टिहरी गढ़वाल जिले से होकर गुजर रहे पैदल कांवड़ियों और डाक कांवड़ियों को इस बार प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाएं खूब रास आ रही हैं।</p>
<p>जगह-जगह किए गए रूट डायवर्सन, साइनेज, पार्किंग व्यवस्था, मोबाइल टॉयलेट, कूड़ेदान, स्ट्रीट लाइट्स और सुरक्षा व्यवस्था के चलते यात्री यात्रा का भरपूर आनंद ले रहे हैं। जाम की कोई शिकायत सामने नहीं आई है। प्रशासन की ओर से लक्ष्मण झूला, राम झूला, चंद्रभागा तिराहा और भद्रकाली तिराहा जैसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया गया है।</p>
<p>यात्रा में शामिल पैदल कांवड़ियों ने डाक कांवड़ियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान संयम और शांति बनाए रखें, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।</p>
<p>फरीदाबाद से आए कांवड़ यात्री जितेंद्र नागर ने बताया कि गंगोत्री से गोमुख तक यात्रा के दौरान उन्हें हर स्थान पर सुविधाएं व्यवस्थित रूप से उपलब्ध हुईं। उन्होंने बताया कि इस बार गंगोत्री में श्रद्धालुओं की संख्या भी पहले की अपेक्षा अधिक है।</p>
<p>वहीं अलवर से आई कांवड़ टोली के सदस्य शिवराम ने टिहरी जिले के यात्रा मार्ग की व्यवस्थाओं को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने हर मोड़ पर सहयोग और मार्गदर्शन दिया, जिससे यात्रा सरल और सुरक्षित बनी रही।</p>
<p>यात्रा मार्ग पर ट्रैफिक को सुगम बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा नो पार्किंग जोन में खड़ी गाड़ियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इससे जाम की स्थिति उत्पन्न नहीं हो रही और सभी यात्रियों को बिना बाधा यात्रा करने का अवसर मिल रहा है।</p>
<p>जिला प्रशासन की मुस्तैदी और समर्पण से इस बार की कांवड़ यात्रा न सिर्फ व्यवस्थित चल रही है, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए एक सुखद अनुभव भी बन रही है।</p>
<p>The post <a href="https://devprayagtimes.com/archives/684"> व्यवस्थित व्यवस्थाओं से खुश हुए कांवड़ यात्री, डाक कांवड़ियों से शांति बनाए रखने की अपील</a> appeared first on <a href="https://devprayagtimes.com">Devprayag Times</a>.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>नक्षत्र वेधशाला मे गुरु पूर्णिमा पर्व पर आध्यात्मिक गुरुओं की वंदना की गई</title>
		<link>https://devprayagtimes.com/archives/662</link>
					<comments>https://devprayagtimes.com/archives/662#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[देवप्रयाग टाइम्स]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 10 Jul 2025 11:32:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखण्ड]]></category>
		<category><![CDATA[देवप्रयाग]]></category>
		<category><![CDATA[देहरादून]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[सामाजिक]]></category>
		<category><![CDATA[हरिद्वार]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#8220;गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु तस्मै  गुरुवे नमः&#8221; देवप्रयाग। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर देवप्रयाग स्थित नक्षत्र वेधशाला संस्थान में&#8230;</p>
<p>The post <a href="https://devprayagtimes.com/archives/662">नक्षत्र वेधशाला मे गुरु पूर्णिमा पर्व पर आध्यात्मिक गुरुओं की वंदना की गई</a> appeared first on <a href="https://devprayagtimes.com">Devprayag Times</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&#8220;गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु तस्मै  गुरुवे नमः&#8221;</p>
<p><span id="more-662"></span></p>
<p><strong>देवप्रयाग। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर देवप्रयाग स्थित नक्षत्र वेधशाला संस्थान में भारत के महान आध्यात्मिक गुरुओं का विधिवत पूजन कर विश्व शांति और कल्याण की प्रार्थना की गई। इस वर्ष गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरुवार को आने से इसका विशेष धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व रहा, जो बीते बीस वर्षों में पहली बार संयोग बना।</strong></p>
<p><strong>कार्यक्रम का आयोजन योगाचार्य भास्कर जोशी के नेतृत्व में हुआ, जिसमें आस्था और भक्ति के साथ स्वामी विवेकानंद, रमण महर्षि, योगेश्वर महाराज, लाहड़ी महाशय, महावतार बाबा सहित सुप्रसिद्ध विद्वान मुकुंद दैवज्ञ एवं आचार्य चक्रधर जोशी जैसे सिद्ध गुरुओं का पूजन कर उनका आशीर्वाद लिया गया।</strong></p>
<p><strong>गुरुओं के चरणों में वंदन कर उपस्थित श्रद्धालुओं ने देश और विश्व की सुख-समृद्धि, शांति और आध्यात्मिक जागरण की कामना की। कार्यक्रम में कोट क्षेत्र प्रमुख धर्मवीर, प्रदीप कपूर, योगेश मावी, दीपक ध्यानी, शेखर, सूरज भट्ट, शुभांगी कोटियाल, बृजेश पंचभैया, श्याम राजपूत समेत देश के विभिन्न प्रांतों से श्रद्धालु उपस्थित रहे।</strong></p>
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		<title>साप्ताहिक भागवत कथा का भक्ति भाव से से हुआ समापन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[देवप्रयाग टाइम्स]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 17 Jun 2025 16:56:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखण्ड]]></category>
		<category><![CDATA[टिहरी]]></category>
		<category><![CDATA[देवप्रयाग]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[सामाजिक]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>-गिरीश चंद्र भट्ट देवप्रयाग जिला टिहरी के प्रखण्ड देवप्रयाग के बागी ग्राम  में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का समापन 16&#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h5><em>-गिरीश चंद्र भट्ट</em></h5>
<p style="text-align: left;">देवप्रयाग जिला टिहरी के प्रखण्ड देवप्रयाग के बागी ग्राम  में आयोजित सात दिवसीय <strong>श्रीमद् भागवत कथा</strong> का समापन 16 जून 2025 सोमवार को भक्ति, भजन और भावपूर्ण माहौल में हुआ। कथा वाचक <b>भानु प्रकाश उनियाल </b> जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का भावविभोर वर्णन करते हुए श्रोताओं को कई आध्यात्मिक संदेश दिये।</p>
<p style="text-align: left;">कथा के दौरान <strong>ध्रुव चरित, प्रह्लाद चरित, गोवर्धन लीला, रास पंचाध्यायी</strong> आदि प्रसंगों का सुंदर विवेचन किया गया। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने नियमित उपस्थिति दर्ज कर कथा का पुण्य लाभ प्राप्त किया।</p>
<p style="text-align: left;">कार्यक्रम के सातो दिन प्रवासी व श्रोताओं के लिए प्रसाद आदि सभी व्यवस्था कि गई थी अंतिम दिन <strong>महाप्रसाद</strong> का आयोजन किया गया, जिसमें भक्तों ने सामूहिक भजन कीर्तन के साथ भाग लिया। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए ऐसे आयोजनों को समाज में धर्म जागरण का माध्यम बताया।कथा का <strong>मुख्य आकर्षण </strong>भक्ति संगीत, संध्या रासलीला मंचन एवं दिव्य झांकी दर्शन रहा।</p>
<p style="text-align: left;"><strong>&#8220;जहाँ भागवत होती है, वहाँ स्वयं भगवान वास करते हैं&#8221;</strong><strong>-कथावाचक</strong></p>
<p style="text-align: left;">इस कथा का आयोजन दिनेश,गणेश उमेश नरेश मिश्रा पुत्र स्व. बिहारी लाल मिश्रा प्रतिमा मिश्रा द्वारा, किया गया।</p>
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		<title>सतयुग का पावन तीर्थ: देवप्रयाग</title>
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		<dc:creator><![CDATA[देवप्रयाग टाइम्स]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 15 Jun 2025 11:48:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखण्ड]]></category>
		<category><![CDATA[टिहरी]]></category>
		<category><![CDATA[देवप्रयाग]]></category>
		<category><![CDATA[देहरादून]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[सामाजिक]]></category>
		<category><![CDATA[हरिद्वार]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#8211;गिरीश चंद्र भट्ट उत्तराखंड में स्थित देवप्रयाग को केदारखंड में सतयुग का पावन तीर्थ कहा गया है। यह स्थान पंच&#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<div id="m#msg-a:r518422835906568649" class="mail-message expanded">
<p>&#8211;<em>गिरीश चंद्र भट्ट</em></p>
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<p>उत्तराखंड में स्थित देवप्रयाग को केदारखंड में सतयुग का पावन तीर्थ कहा गया है। यह स्थान पंच प्रयागों में पहला और अत्यंत महत्वपूर्ण है। देवप्रयाग न केवल एक तीर्थस्थल है, बल्कि यह दिव्य 108 तीर्थ क्षेत्रों में भी शामिल है। यह स्थान गृद्धाचल, नरसिंहाचल, दशरथाचल आदि पवित्र पर्वतों से घिरा हुआ है और &#8216;सुदर्शन क्षेत्र&#8217; के नाम से भी प्रसिद्ध है।</p>
<p>यहां भगवान श्रीराम का प्राचीन मंदिर स्थित है। यह मंदिर संगम स्थल के पास स्थित है, जहां गौमुख से आने वाली भागीरथी नदी और अलकापुरी से आने वाली अलकनंदा नदी का संगम होता है। मान्यता है कि इसी संगम स्थल पर गुप्त सरस्वती नदी भी मिलती है, जिससे यह त्रिवेणी संगम बनता है। ठीक संगम स्थल पर स्थित ब्रह्मकुंड सदैव जलमग्न रहता है और यहां स्नान का विशेष महत्व है।</p>
<p>देवप्रयाग की वादियाँ, हिमालय की गोद में स्थित यह क्षेत्र, प्राचीनकाल से ही साधकों और योगियों के लिए तपस्थली रहा है। यहां की शांतिपूर्ण और आध्यात्मिक ऊर्जा साधकों को आत्मिक उन्नति की ओर प्रेरित करती है। यह स्थान उत्तराखंड के टिहरी जनपद में, ऋषिकेश से 70 किलोमीटर की दूरी पर बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है।</p>
<p>ऐसा माना जाता है कि छठवीं शताब्दी में आदि शंकराचार्य ने यहां श्रीराम मंदिर की स्थापना की थी, जिसे आज रघुनाथ मंदिर के नाम से जाना जाता है। कुछ इतिहासकार इसकी स्थापना टिहरी रियासत (1815) के समय से जोड़ते हैं, जब गढ़वाल नरेश सुदर्शन शाह ने टिहरी को राजधानी बनाया था।</p>
<p>पुराणों के अनुसार, सतयुग में राजा भगीरथ ने अपने पितरों के उद्धार हेतु गंगा को धरती पर लाने के लिए इसी स्थान पर कठोर तपस्या की थी। भागीरथी और अलकनंदा के संगम के बाद इस नदी को &#8216;गंगा&#8217; नाम प्राप्त हुआ, जिससे यह स्थान पवित्र तीर्थ बन गया।</p>
<p>केदारखंड में वर्णित है कि ब्रह्माजी ने ब्रह्मकुंड पर हजारों वर्षों तक भगवान विष्णु की तपस्या की थी। विष्णुजी ने प्रसन्न होकर उन्हें सुदर्शन चक्र प्रदान किया था और उसी में बैठकर ब्रह्माजी ने सृष्टि की रचना की थी। इसी कारण यह स्थान &#8216;ब्रह्मतीर्थ&#8217; और &#8216;सुदर्शन क्षेत्र&#8217; के नाम से जाना जाता है।</p>
<p>यहां पर सूक्ष्म रूप में देवी-देवता नित्य स्नान के लिए आते हैं और सिद्ध पुरुषों का वास भी माना जाता है, जिनके दर्शन दुर्लभ होते हैं। चातुर्मास के समय यहां स्नान का विशेष महत्व है। एक श्लोक के अनुसार:</p>
<h5 style="text-align: center;">&#8220;मध्याह्ने मुनि शार्दूल, नूनम् आयांति नित्यशः।</h5>
<h5 style="text-align: center;">सर्वे ऋषिगणा देवा, स्नानं कर्तुं द्विजोत्तम॥&#8221;</h5>
<p>(अर्थात: दोपहर के समय मुनिश्रेष्ठ, ऋषिगण और देवता प्रतिदिन यहां स्नान करने के लिए आते हैं।)</p>
<p>कुछ भाग्यशाली लोग विशेष अवसरों पर इस क्षेत्र की दिव्यता का अनुभव कर पाते हैं। स्कंद पुराण के अनुसार, देव शर्मा नामक एक ब्राह्मण ने यहां कठोर तपस्या की थी। श्रीहरि विष्णु ने उन्हें चतुर्भुज रूप में दर्शन दिए और उनके आग्रह पर इस स्थान को वास हेतु चुना। त्रेतायुग में श्रीराम ने रावण-वध के पश्चात ब्रह्महत्या दोष से मुक्ति के लिए यहीं तपस्या की थी। तभी से यहां विष्णु के चतुर्भुज रूप तथा श्रीराम के रूप में पूजा होती है।</p>
<p>माना जाता है कि जिस शिला पर भगवान विष्णु ने देव शर्मा को दर्शन दिए, उस पर उन्हीं की मूर्ति उकेरी गई है। मूर्ति के पीछे स्थित गर्भगृह अब बंद है। कभी मंदिर के पुजारी वहीं से संगम पर स्नान के लिए जाते थे। पूरे भारत में श्रीराम की छह फीट ऊंची ऐसी दिव्य प्रतिमा कहीं और नहीं मिलती।</p>
<p>देवप्रयाग में आदि विश्वेश्वर महादेव जी का मंदिर भी है, जिसे स्वयं भगवान राम ने स्थापित किया था। साथ ही टोडेश्वर, टाटेश्वर, बेलेश्वर, बागेश्वर सहित पंच शिव मंदिर भी इस क्षेत्र में स्थित हैं। रामकुंड, बेतालशीला और सूर्यकुंड इस क्षेत्र के अन्य प्रमुख स्थल हैं। रामकुंड में श्रीराम ने तपस्या कर ब्रह्महत्या दोष से मुक्ति पाई थी।</p>
<p>बेतालशीला भागीरथी नदी के मध्य स्थित एक विशाल शिला है, जहां पिंडदान करने से पितरों को मोक्ष मिलता है। केदारखंड के अनुसार यह स्थान पिंडदान के लिए गया से भी श्रेष्ठ है।</p>
<p>सूर्यकुंड, बागी गांव के पास स्थित है। मान्यता है कि यहां स्नान करने से कुष्ठ रोग भी दूर हो जाता है। मेधातिथि नामक ब्राह्मण ने यहां सूर्य की कठोर साधना की थी और सूर्यदेव के वरदान स्वरूप यह स्थान सूर्यलोक में निवास का पात्र बन गया। माघ शुक्ल सप्तमी को यहां स्नान करने से व्यक्ति दीर्घकाल तक सूर्यलोक में रहता है।</p>
<p>इस प्रकार देवप्रयाग न केवल पौराणिक महत्व वाला तीर्थ है, बल्कि यह आध्यात्मिक साधना, तप और आत्मिक जागरण का भी दिव्य केंद्र है।</p>
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